पलकें हुईं बंद मेरी...
PleaseVisit http://www.shiken.in which is my official site for more of my poetry
पलकें हुईं बंद मेरी, तुम हर तरफ हर जगह, पर नज़र आये.
पहरे बिठाये जहां नें, हम को तुम से जुदा कर दिया, हम मगर आये,
मिलकर कभी अब न बिछडें, आओ दुआ अब ये मांगें,
दिल मेरा तब तक ही धडके, जब तक चलें तेरी सांसें,
चेहरा तेरा में न देखूं, रात ऐसी न हो कभी, न सहर आये.
तुम सामने मेरे बैठो, तन्हाईयां उठ के चल दें,
गाने लगें सारे पंछी, मौसम भी रंगत बदल दें,
मंजिल मिलेगी न कैसे, रस्ते में जो मेरा, हमसफ़र आये.
नाजुक तेरी बाहें जकडें, मुश्किल हैं खुद को छुडाना,
आँखों में जादू वो तेरे, मुमकिन नहीं दूर जाना,
मरके भी आह न निकले, प्यार से मारने का तुझे, वो हुनर आये.
*******************************
पलकें हुईं बंद मेरी, तुम हर तरफ हर जगह, पर नज़र आये.
पहरे बिठाये जहां नें, हम को तुम से जुदा कर दिया, हम मगर आये,
मिलकर कभी अब न बिछडें, आओ दुआ अब ये मांगें,
दिल मेरा तब तक ही धडके, जब तक चलें तेरी सांसें,
चेहरा तेरा में न देखूं, रात ऐसी न हो कभी, न सहर आये.
तुम सामने मेरे बैठो, तन्हाईयां उठ के चल दें,
गाने लगें सारे पंछी, मौसम भी रंगत बदल दें,
मंजिल मिलेगी न कैसे, रस्ते में जो मेरा, हमसफ़र आये.
नाजुक तेरी बाहें जकडें, मुश्किल हैं खुद को छुडाना,
आँखों में जादू वो तेरे, मुमकिन नहीं दूर जाना,
मरके भी आह न निकले, प्यार से मारने का तुझे, वो हुनर आये.
*******************************
No comments: