Friday, December 4, 2009
मेरा दिल कहाँ है ?
मेरा दिल कहां है, जां कहां है.
इश्क में खोया मेरा, समां कहां है.
तलाशे इश्क में थे हम, ये किसी सख्श ने कहा,
इस जहां में प्यार नहीं होता, नादां कहां है.
तुम नहीं, तुम भी नहीं, सब दिल की बाजी हारे हैं,
मेरा प्यार मुझे जो लौटा सके, इन्सां कहां है.
अब मेरी नज़र देखती हैं तुम्हें या बताती है,
है क्षितिज किधर, जमीं किधर, अस्मां कहां है.
मुझसे मिलना जो हो, पता उसका लो 'शिकन',
हां मैं हूं वहीं, मेरा दिलरुबा, जहां-जहां है.
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