मेरे इश्क का फ़साना...


जब कभी मेरे इश्क का, फ़साना लिखना.
तुमको कसम मुझे अपना, दीवाना लिखना.



बरसों के बाद हम-तुम, मिलने ही वाले थे,
मिल जाते ग़र न मिलता, जमाना लिखना.



मेरे ग़म में उदासी का सबब, ग़म ही था,
और ख़ुशी में याद ग़मों का, आना लिखना.



मेरा नाम लिख के लिखना, कहानी इसकी है,
और किताब का नाम, 'पागल दीवाना' लिखना.



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