राह की धूल हूं...


राह की धूल हूं, पर पहुंच गया.
आपका पांव लगा, घर पहुंच गया.


सबने यही कहा, हमें भी यकीन था,
न पहुंचेगा मंजिल, मगर पहुंच गया.


वापस लौट आऊंगा, मैं उस शहर से,
भटकते किसी तरह, अगर पहुंच गया.


ख़ुदा से दुआ मांगने को, सबने कहा,
पहले मैं 'शिकन', तेरे दर पहुंच गया.


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